एक ढोली शादी में ढोल बजा रहा था।
उस ने ढोल की दोनों तरफ़ लेडीज़ की फ़ोटो लगा रखी थी।
पास खड़े बुज़ुर्ग ने कहा, "सुंदरता के उपासक लगते हो...!"
ढोली बोला, "नहीं, चाचा, उपासक नहीं...
एक तरफ मेरी सास, और एक तरफ़.......
आप समझ ही गये होंगे।
घर पर मेरा बस चलता नहीं, तो यहीं पर अपनी भड़ास निकाल लेता हूँ........
दे-धना-धन...!!"
😝😝😝😝😝😝😝😝😝😝
उस ने ढोल की दोनों तरफ़ लेडीज़ की फ़ोटो लगा रखी थी।
पास खड़े बुज़ुर्ग ने कहा, "सुंदरता के उपासक लगते हो...!"
ढोली बोला, "नहीं, चाचा, उपासक नहीं...
एक तरफ मेरी सास, और एक तरफ़.......
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घर पर मेरा बस चलता नहीं, तो यहीं पर अपनी भड़ास निकाल लेता हूँ........
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