Fake Shake: परीक्षा से पहले ही लड़कों ने की बोनस अंक देने की मांग
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नई दिल्ली, परीक्षाओं के नतीजों में हर बार लड़कियां ही आगे रहती हैं। इस कारण लड़कों को मीडिया आदि में काफी जिल्लत का सामना करना पड़ता है। ऐसी नौबत से बचने के लिए लड़कों ने एग्जाम से पहले ही उन्हें बोनस अंक देने की मांग करते हुए सीबीएसई और विभिन्न यूनिवर्सिटियों को लेटर लिखे हैं। इस लेटर में लड़कों ने कहा है कि हमें और भी कई कर्त्तव्य निभाने पड़ते हैं, इसलिए हमें बोनस अंक दिए जाएं। लड़कों ने ओपन लेटर में वे पांच कर्त्तव्य गिनाए हैं, जिनका उनके प्रदर्शन पर गहरा असर पड़ता है। आप भी उन कर्तव्यों पर एक निगाह डाल लीजिए। 1. लड़कियों के मोबाइल रिचार्ज करवाने की एक बड़ी जिम्मेदारी लड़कों की है, जिसे हम राष्ट्रीय कर्त्तव्य समझकर निभाते हैं। परीक्षा के समय गेस पेपर मुहैया करवाने की जिम्मेदारी भी हमारी ही है। 2. लड़कियों की स्कूटर पंचर होने पर उसे ठीक करवाने का पुनीत कार्यभी हम लड़कों को करना पड़ता है। ऐसे समय में लड़कियां पढ़ाई करती हैं, जबकि हम लड़के धूप में खड़े होकर पंचर पकवाते हैं। 3. लड़कों को आईपीएल और अन्य मैच वगैरह भी देखना होता है। इतना ही नहीं, सारे रिकॉर्ड भी मुंहजबानी याद रखने होते हैं। लड़कियों के लिए यह अनिवार्य नहीं है। 4. लड़कियों को केवल अपना फेसबुक अकाउंट मैंटेन करना होता है, जबकि हम लड़कों को ओरिजनल अकाउंट के अलावा चार फेक अकाउंट भी मैंटेन करने होते हैं। समय-समय पर प्रोफाइल पिक भी बदलनी होती है। 5. लड़कियों के होस्टल के बाहर रोजाना दो से तीन घंटे तक उनके गैलरी में आने का इंतजार करना पड़ता है। लड़कों ने सीबीएसई और यूनिवर्सिटियों को उपरोक्त पांच कर्त्तव्यों के बदले में कम से कम दस फीसदी बोनस अंक देने का निवेदन किया है, ताकि वे फेल होने के भय से मुक्त होकर उपरोक्त कर्त्तव्य निभाते रहें।
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